Symptoms of Coronavirus: Early, Mild & Critical || COVID-19 ke lakshan in Hindi || Practo

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Symptoms of Coronavirus: Early, Mild & Critical || COVID-19 ke lakshan in Hindi || Practo

Coronavirus symptoms can be easily confused with fever and flu. So, we have to be aware of the early symptoms and critical symptoms of Coronavirus (Coronavirus ke lakshan). Some of the Coronavirus symptoms are body ache, fever, and sore throat. Dr Rajesh Bhardwaj, a senior ENT specialist, talks about brain fog due to Coronavirus infection, the effect of COVID-19 on heart and kidney, droplet infection transmission, and cytokine storm in Hindi.

Video Breakdown:

1:23 Coronavirus kaise failta hai?

2:03 Coronavirus se Gambhir prabhav

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Video Transcript:
कोरोना वायरस या कोविड-19 के क्या लक्षण हैं ?
सबसे पहले से हमें जानकारी है कि कोरोना वायरस के सबसे पुराने और सबसे ज्यादा लक्षण हैं, बुखार आना, सूखी खाँसी होना और सांस फूलना | बुखार हमने देखा है कि ज्यादा हाई फीवर नहीं होता, करीब 99-100 एंड 101 के करीब फीवर होता है| खाँसी जो है सूखी होती है | और लक्षण अगर ज्यादा देर चले 4, 5, 7 दिन चले तो उसके बाद फिर सांस फूलता है पेशेंट का |
कोरोना वायरस के और भी लक्षण हैं : ENT और कान, नाक और गले का लक्षण हैं पेशेंट कहता हैं कि हमें कुछ स्मेल नहीं हो रहा या मुंह में टेस्ट नहीं आ रहा जब सांस से स्मेल चला जाता हैं तो हम उसको कहते हैं कि वो कोरोना का सबसे पहले वाला लक्षण है | early symptom of covid-19.
धीरे-धीरे करके जैसे ही ये बीमारी और फ़ैल रही है तो हमें और भी लक्षण पता चल रहे हैं, कमजोरी होना, बदन दर्द होना, सिर में दर्द, loose मोशन होना, पेट में दर्द होना, कभी कभी eye में इन्फेक्शन होना इस तरह के लक्षण भी पाए गए हैं |
कोरोना वायरस ड्रॉपलेट इन्फेक्शन से फैलता है यानी कि अगर किसी ने आपके पास खांसा या उनको छींक आयी तो वो ड्रॉपलेट से वो इन्फेक्शन आपके शरीर में आती है नाक और गले के जरिये और आपके लंग्स या फेफड़े में जाके फैलती है |
इसको फैलने में, वायरल लोड को बढ़ने में, करीब 4-5 दिन लगते हैं| हमने ये देखा है कि कभी- कभी दो हफ्ते तक लग सकते हैं|
जब आपको इन्फेक्शन फैलता है तो सबसे पहला लक्षण-आपको बुखार, खाँसी और धीरे-धीरे कर के सांस फूलना शुरू होता है | ये पहले लक्षण हैं कोरोना वायरस के |
कोरोना वायरस के और भी हमने सीरियस सिम्टम देखे हैं : कुछ हमने देखे हैं बच्चों में जिसको हम cytokine storm कहते हैं जिसमें कि बच्चे के अपने ही टिश्यू अपने ही शरीर के सेल्स को डेस्ट्रॉय करना शुरू कर देते हैं और फिर ICU में ठीक तरीके से उसका इलाज करना पड़ता है |
बाकी लोगों में भी एडल्ट्स एंड ग्रोन up में भी हमने ये देखा है कि कभी-कभी कोरोना वायरस काफी टाइम तक चलता है ये नहीं कि 5-6 दिन | हफ़्तों भर कोरोना वायरस के मरीज उसकी चपेट में रहते हैं और इन लोगों को सांस फूलता है, कमजोरी आती है, बदन दर्द होता है और एक और नया phenomenon हमने देखा है जिसको ब्रेन fog कहते हैं | इससे हमको लगता है कि कोरोना वायरस शायद ब्रेन तक भी फैलता हैं | इन लोगों को मेंटल confusion (state of confusion) होता है और disincentive to work यानि की बिल्कुल भी काम करने की इच्छा नहीं होती|
कोरोना वायरस ज्यादातर हफ्ते 10 दिन में ठीक हो जाता है और पेशेंट asymptomatic हो के अपने काम पर निकल पड़ता है लेकिन हमने देखा है कि कुछ long haul पेशेंटस होते हैं जिनके कोरोना वायरस इन्फेक्शन काफी दिन तक उनको परेशान करते हैं| ये इसलिए करते हैं क्योंकि उनका वायरल लोड ज्यादा होता है और वायरस पूरे शरीर में फ़ैल के हर अंग को या organ को डैमेज करता है और पेशेंट सीरियसली बीमार हो जाता है |
सीरियस कोरोना वायरस पेशेंट के कुछ और लक्षण हमने देखें हैं उसमे दो चीज़ें हैं हार्ट के ऊपर डैमेज और किडनी के ऊपर डैमेज| हार्ट के valves को हार्ट के muscle को कोरोना वायरस डैमेज करके और कभी कभी endocarditis भी करता हैं जिसकी वजह से पेशेंट को परेशानी होती है | कोरोना वायरस के पेशेंट जब ICU में जाते हैं तो हमने ये भी देखा है कि काफी किडनी डैमेज होता है और किडनी डैमेज की वजह से काफी पेशेंट्स को डायलिसिस पर डालना पड़ता है |
कोरोना वायरस के सीरियस पेशेंट पर हमने कुछ और चीज़े देखी हैं उनके हार्ट के ऊपर डैमेज होता है कभी कभी उनकी किडनी के ऊपर डैमेज होता है और ये भी हमने देखा है कि जो पेशेंट ICU में जाते हैं क्योंकि किडनी के ऊपर असर होता है तो काफी पेशेंट को डायलिसिस देना पड़ता है | कोरोना वायरस दिमाग के ऊपर भी असर करता है जिससे पेशेंट को ब्रेन fog होता है यानि कि वो समझने में कोशिश करते हैं कि आस-पास क्या हो रहा है और मेंटल confusion रहता है उनको|
अभी भी कोरोना वायरस से बचने के लिए यहीं तीन उपाय हैं हमारे पास | दूसरे लोगों से 2 मीटर की दूरी मेन्टेन करनी है | हमें बाहर, ख़ास कर जहाँ ज्यादा लोग हों वहां फेस मास्क जिससे नाक और मुंह ढँका रहे वो जरुर करना है और जब भी हम घर वापिस आएं और बीच-बीच में भी जब भी हम बाहर से वापिस आएं, हाथ को कम से कम 20 सेकंड तक साबुन-पानी से धोना है इसी से हम इस इन्फेक्शन से बचे रहेंगे |

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